Dharkar राष्ट्रीय बाँसकर समागम
जो घायल भी उम्मीदों से है और जिंदा भी उम्मीदों पे है।
"उम्मीदो" से बंदा एक जिद्दी परिंदा है धरकार,
सदियों से शोषित समाजो में से एक ऐसा समाज जो आजादी के बाद भी भले ही अपने अधिकारो और हको से वंचित हो पर संघर्ष कभी नही छोड़ा ।
सरकार की तमाम एजेंसियों और कमिटीयो ने समय समय पर अपनी रिपोर्ट पेश की है कि आज बाँस पर जीवन यापन करने वाली तमाम जातियां विकास के पैमाने पर हाशिए पर आ गई है।
यह जानते हुवे की ये घायल भी उम्मीदो से फिर भी सरकार से उम्मीद लगाये बैठें है कि सरकार इनके लिये कोई विशेष पैकेज की घोषणा करेंगी।
10 जून 2018 धरकार समाज के लिये एक ऐतिहासिक दिन था। इस दिन लखनऊ में डॉ लालजी निर्मल जी की अध्यक्षता में आंबेडकर महासभा प्रागंण में अखिल भारतीय बांसकार महासभा एवं अखिल भारतीय धरकार समाज द्वारा "राष्ट्रीय बाँसकर समागम" कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसके मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक जी, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा , समाज कल्याण मंत्री डाॅ. रमापति शास्त्री थे।इस कार्यक्रम में सरकार के समक्ष अपनी समस्या और माँग पत्र को रखा गया।
राज्यपाल राम नाईक जी ने कहा कि वंचित समाज को आगे ले जाने के लिये सभी को प्रयास करना होगा साथ ही आर्थिक सशक्तिकरण के लिये वित्तिय सहायता संस्थाओं को संवेदनशील होना होगा।
उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा जी एवं समाज कल्याण मंत्री डाॅ. रमापति शास्त्री ने आस्वाशन दिया कि समाज जी माँग पत्र को सरकार के समक्ष पेश करेंगे।
इस कार्यक्रम से समाज को कितनी उम्मीद है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम में पूरे देश से लोग पहुँचे थे। जनता इतनी थी कि प्रांगण छोटा पड़ गया ।
इससे पूर्व राज्यपाल ने डाॅ. आंबेडकर जी के अस्थि कलश के दर्शन किये तथा उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी आदरांजलि अर्पित की।
देखना है आने वाले समय मे यह उम्मीद धरातल पर कितनी उतरती है !



Nice job
जवाब देंहटाएंHii
जवाब देंहटाएंबोहत अच्छे सामाजिक कार्य कर रहे हो विवेक जी....
जवाब देंहटाएंसराहनीय कार्य...
Mai bhi dharkar Hu aj Mai bahut kush hu
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